राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024 से रिलेटेड इस वक्त की सबसे बड़ी खबरा निकल कर आ रही है कि हाईकोर्ट ने कई श्रेणियों की मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है । 4th Grade मे जिन स्टूडेंट्स को आरक्षण के बल पर 0 नम्बर पर सलेक्ट किया गया था उनकी कट-ऑफ रद्द कर दी गई है। आपको बता दे कि ये फैसला जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने दिया है । तो आइए जानते है कि क्या है पूरी जानकारी ।

क्या है पूरा मामला
याचिका में अधिवक्ता हरेंद्र नील ने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग ने 12 दिसंबर 2024 को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 53 हजार 750 पदों पर भर्ती निकली थी । जिसमें यह याचिकाकर्ता ने ओबीसी भूतपूर्व सैनिक श्रेणी में आवेदन किया था । लिखित परीक्षा में याचिकाकर्ता के 0.65 अंक आए और गत 16 जनवरी को जारी परिणाम में उसे चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया । याचिका में कहा गया की नियुक्ति के लिए भर्ती में कोई न्यूनतम अंक लाने की बाध्यता नहीं रखी गई थी । ऐसे में पद रिक्त रहने पर नेगेटिव अंक लाने वाले अभ्यर्थी का भी चयन किया जाना चाहिए था. याचिका में दावा किया गया कि भर्ती में एक वर्ग की कट ऑफ 0.003 आई है ।ऐसे में याचिकाकर्ता को भी नियुक्ति दी जाए, जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने कई कैटेगिरी की मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है ।
राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में बड़ी टिप्पणी करते हुए अलग-अलग कैटेगरी की मेरिट लिस्ट रद्द कर दी है। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने कहा कि किसी भी सरकारी भर्ती में न्यूनतम अंक तय करना जरूरी है, अन्यथा भर्ती प्रक्रिया गैर-संवैधानिक मानी जाएगी। कोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को न्यूनतम अंक निर्धारित कर नई मेरिट सूची जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब कुछ कैटेगरी में जीरो कटऑफ पर चयन हुआ, जबकि माइनस अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि सरकारी सेवा में “बेसिक स्टैंडर्ड” होना आवश्यक है, चाहे पद चतुर्थ श्रेणी का ही क्यों न हो।
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 में विभिन्न वर्गों में शून्य नंबर लाने पर भी चयन हो गया था । ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया और अब राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 में बड़ा मोड़ सामने आया है राजस्थान हाईकोर्ट ने एक्स सर्विस मैन, विधवा वर्ग,सहरिया वर्ग,दिव्यांग वर्ग और अन्य वर्ग की चयनित लिस्ट को रद्द किया है , इन सभी वर्गों में शून्य अंक लाने वालों का भी चयन हुआ था । अदालत ने कहा- न्यूनतम योग्यता निर्धारित करना है आवश्यक, याचिकाकर्ता विनोद कुमार व अन्य की याचिकाओं पर दिए आदेश, याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील ने रखा था पक्ष ।
RSSB को अब क्या करना पड़ सकता है
RSSB को भी हाईकोर्ट के इस फैसले के कारण आगे का निर्णय लेना पड़ेगा । RSSB ने कोई भी न्यूनतम नंबर न रखते हुए विभिन्न वर्गों में शून्य नंबर लाने वाले कैंडिडेट्स का भी चयन कर लिया था । अब RSSB को उन वर्गों के परिणाम रद्द होने के कारण नया संशोधित परिणाम जारी करना पड़ सकता है या फिर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड इस मामले को डबल बेंच में लेकर भी जा सकता है। देखने वाली बात होगी RSSB आने वाले दिनों में क्या डिसीजन लेता है और उसका जैसे ही कोई भी नोटिस जारी होगा आपको सूचना दे दी जाएगी।
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